Vishwakarma Puja 2020: आज विधिवत करें भगवान विश्वकर्मा की पूजा, जानिए पूजन विधि

0
74

हिंदू धर्म में विश्वकर्मा पूजा को बहुत ही खास माना जाता हैं विश्वकर्मा पूजा वाले दिन भगवान विश्वकर्मा की विधि विधान से पूजा की जाती हैं भगवान विश्वकर्मा को निर्माण का देवता माना गया हैं इन्होंने ही देवताओं के महलों, भवनों, हथियारों आदि का निर्माण किया।कथाओं के मुताबिक एक बार देवगण असुरों से परेशान थे और उन सभी ने भगवान विश्वकर्मा से सहायता मांगी तब महर्षि दधीची की हड्डियों से विश्वकर्मा जी ने राजा इंद्र के लिए एक वज्र बनाया। यह अस्त्र इतना शक्तिशाली और प्रभावशाली था कि इससे असुरों का सर्वनाश हो गया। इन्होंने कई संरचनाएं भी की थी। भगवान विश्वकर्मा ने दानवीर कर्ण के कुंडल और पुष्पक विमान की भी संरचना की थी। ऐसा कहा जाता है कि इन्होंने भगवान श्रीराम, लक्ष्मण, सीता और अन्य सभी साथियों के लिए अयोध्या वापस लौटने के लिए विमान बनाया था। तो आज हम आपको विश्वकर्मा भगवान की पूजा विधि बताने जा रहे हैं तो आइए जानते हैं।

विश्वकर्मा पूजा वाले दिन भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति या प्रतिमा को घर या आफिस में स्थापित करते हैं इस दिन कई लोग अपने कल पुर्जों को ही भगवान विश्वकर्मा मानकर उनकी पूजा करते हैं। इस दिन कई जगहों पर यज्ञ भी किए जाते हैं। विश्वकर्मा पूजा को फैक्ट्री, वर्कशॉप, आफिस या दुकान के मालिक और उनकी पत्नी को करनी चाहिए। पूजा करने से पहले स्नान आदि करें।विश्वकर्मा पूजा का संकल्प करें। फिर एक कलश में पंचपल्लव, सुपारी, दक्षिणा आदि रखें और फिर कलश को कपड़ा लपेट दें। मिट्टी के पात्र में अक्षत रखें इस पात्र को कलश पर रख दें। एक चौकी पर भगवान विष्ण का ध्यान कर विश्वकर्मा जी की मूर्ति स्थापित करें। इसके बाद विश्वकमा जी को अक्षत, पुष्प, धूप, दीपक, गंध, मिठाई आदि अर्पित करें। दाहिने हाथ में अक्षत लेकर मंत्र ओम आधार शक्तपे नम:, ओम कूमयि नम:, ओम अनन्तम नम:, पृथिव्यै नम: मंत्र का जाप करें और चारों ओर छिड़क दें। हाथ में मौजूद पुष्प को जल में छोड़ दें। इसके बाद हाथ में रक्षासूत्र बांधे। इनका ध्यान करते हुए विधिवत पूजन करें। औजारों और यंत्रो आदि को जल, रोली, अक्षत, पुष्प और मिठाई अर्पित करें और फिर विधिवत हवन करें।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here