मेनोपॉज के कारण महिलाओं में बढ़ती यह बीमारी, आप इन बातों का ध्यान रखकर करें बचाव

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गलत खानपान और बदलती लाइफस्टाइल के कारण आज के समय में पुरूषों की तुलना में महिलाओं में कई प्रकार के रोगों की संभावना अधिक रहती है।महिलाओं में 30 से 40 साल की उम्र के बीच बीमारियों का खतरा अधिक बढ़ जाता है।उम्र के इस पड़ाव पर महिलाओं में पीरियड्स आने बंद होने लगते है, जिसे मेनोपॉज कहा जाता है।

महिलाओं में मेनोपॉज के दौरान अनियिमित ब्‍लीडिंग, नींद ना आना, माइग्रेन और मोटापा जैसे परेशानिया अधिक बढ़ जाती है।इसके अलावा मेनोपॉज के दौरान महिलाओं में हॉट फ्लैशेस की घातक समस्या भी होने लगती है। क्योंकि मेनोपॉज के कारण अंडाशय में अंडे उत्पन्न नहीं हो पाते है और इस दौरान एस्ट्रोजन व प्रोजेस्ट्रोन हार्मोन का स्तर भी कम होने लगता है।

जिससे शरीर का तापमान प्रभावित होने लगता है और हॉट फ्लैशेस की समस्या बढ़ जाती है।महिलाओं में इस समस्या के लक्षण के तौर पर त्वचा में गर्माहट रहना, शरीर के ऊपरी भाग में पसीना अधिक आना, उगलियों में झनझनाहट होना, चक्कर आना और घबराहट के साथ हृदय की धड़कनों का बढ़ना दिखाई देता है।

इससे बचाव के लिए महिलाओं को अधिक तीखा और तैलीय भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।साथ ही कैफीन युक्त चाय, कॉफी और शराब का सेवन भी बंद करना आवश्यक है।इससे हॉट फ्लैशेस की समस्या बढ़ जाती है।आप अपनी डाइट में हरी सब्जियां और फलों के साथ नारियल पानी, छाछ व हर्बल चाय का सेवन करें।

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