साइकिल के नियमित इस्तेमाल से होते है कई बड़े फायदे : World cycle day

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जयपुर- चिकित्सकों का मानना है कि साइकिल के नियमित इस्तेमाल से न सिर्फ मोटापा, मधुमेह और गठिया जैसी तमाम स्वास्थ्य संबंधी विसंगतियों से बचा जा सकता है बल्कि हृदय और श्वांस रोग से ग्रसित मरीजों के लिए यह अचूक औषधि का काम कर सकती है। चीन, जापान, नीदरलैंड, फिनलैंड, स्विटजरलैंड और बेल्जियम जैसे तमाम विकसित देशों में साइकिल का बढता प्रचलन इस बात का द्योतक है।

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कि शरीर को फिट रखने के लिए मुफीद दो पहियों की यह सवारी पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाती है। देश में भी कई जानेमाने प्रतिष्ठान और शैक्षणिक संस्थाएं साइकिल के इस्तेमाल को प्रोत्साहन देती हैं लेकिन सड़कों में अतिक्रमण और आटो मोबाइल वाहनों की तेजी से बढती तादाद से सेहत के प्रति गंभीर लोग चाह कर भी साइकिल की सवारी करने से कतराते है।

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यूनीवर्सिटी ऑफ लंदन के एक शोध के मुताबिक साइकिलिंग से दिमाग में सिरोटोनिन, डोपामाईन और फेनिलइथिलामीन जैसे जैविक रसायनो का उत्पादन बढ जाता है जिससे तनाव कम होता है और दिलोदिमाग ताजा रहता है। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में प्रकाशित एक शोध के अनुसार साइकिल चलाना पैदल चलने से अधिक फायदेमंद है। साइकिल के नियमित इस्तेमाल से कैंसर का खतरा 45 प्रतिशत और दिल की बीमारियों का खतरा 46 फीसदी तक कम हो जाता है।

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जबकि पैदल चलने से हृदयरोग का खतरा लगभग 27 प्रतिशत कम होता है। पर्यावरणविदों और चिकित्सकों का कहना है कि उत्तर प्रदेश की पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार ने साइकिलिंग को बढावा देने के लिए तमाम उपाय किए थे लेकिन अफसरशाही की उदासीनता और अतिक्रमण ने साइकिल पथों को लील लिया है। मौजूदा योगी सरकार के साथ साथ केन्द्र की नरेंद्र मोदी सरकार को चाहिए कि देश में पर्यावरण की हालत में सुधार लाने के अहम हथियार के तौर पर साइकिल को बढावा दे।

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कानपुर के लाला लाजपत राय चिकित्सालय में वरिष्ठ अस्थिरोग विशेषज्ञ प्रो रोहत नाथ ने कहा, साइकिल सौ मर्ज की एक दवा है। साइकिल चलाने वाले युवकों में गठिया की संभावना न के बराबर होती है। पैडलिंग से जोड़ों और कूल्हे की एक्सरसाइज होती है। हजार रोगों की वजह शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी साइकिल की सवारी करने वाले को छू भी नहीं पाती।

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रक्तचाप बेहतर रहने से हृदय और श्वांस रोग से ग्रसित होने के बचा जा सकता है। प्रो नाथ ने कहा कि लोगबाग फिट रहने के लिए जिम जाना तो पसंद करते है लेकिन छोटी मोटी दूरी तय करने के लिए कार और मोटरसाइकिल का सहारा लेते है। अगर नियमित रूप से पांच किमी साइकिल चलाई जाए तो उन्हें फिट रहने के लिए किसी और एक्सरसाइज की खास जरूरत नहीं रहेगी।

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