Mantra jaap: सबसे शक्तिशाली मंत्र है ॐ, जानिए इसकी महिमा

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हिंदू धर्म में मंत्र जाप को बहुत ही खास माना गया हैं वही ॐ शब्द में पूरी सृष्टि समाई हैं ओउम् की ध्वनि बिना किसी संयोग या टकराव के पूरे ब्रह्मांण्ड में गूंजती हैं। इसलिए इसके उच्चारण से मनुष्य के इर्द गिर्द सकारात्मक शक्ति का संचार होता हैंये ध्वनि व्यक्ति की सुनने की क्षमता से बहुत अधिक ऊपर होता हैं मगर जो लोग ध्यान की गहराइयों में उतरना जानते हैं वो इस चमत्कारी ध्वनि को सुन सकते हैं तो आज हम आपको अपने इस लेख में ओउम् मंत्र के जाप का महत्व और इसकी महिमा के बारे में बताने जा रहे हैं तो आइए जानते हैं।
ॐ मीन अक्षरों अ, ऊ और म् से मिलकर बना ॐ ईश्वर के तीन स्वरूपों ब्रह्मा, विष्णु और महेशा का संयुक्त रूप माना जाता हैं ओउम् में ही सृजन, पालन और संहार तीनों शामिल हैं। ओउम् के सही प्रयोग से मनुष्य के जीवन की हर परेशानी दूर हो सकती हैं ओउम् के सही उच्चारण और जाप से ईश्वर को पाया जा सकता हैं।ओउम् की ध्वनि इतनी पवित्र है कि ऋषि मुनियों ने हर मंत्र के पहले ॐ जोड़ दिया। कहा जाता हैं कि ॐ के साथ जुड़ते ही मंत्र की शक्ति कई गुना बढ़ जाती हैं मगर इस ईश्वरीय शब्द के उच्चारण के भी कुछ नियम बताए गए हैंओउम् का उच्चारण ब्रह्म मुहूर्त में या शाम के वक्त करना चाहिए। ओउम् का पूरा लाभ प्राप्त करने के लिए उच्चाण की सही तकनीक सीखें। ओउम् का उच्चारण करते वक्त अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें उच्चारण पूरा करने के बाद दस मिनट तक जल का स्पर्श न करे।

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