मेहनत के साथ विनम्र व्यक्तित्व की एक अलग पहचान

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जयपुर- व्यक्ति की सफलता में कठिन परिश्रम, लगन और संघर्ष के साथ काफी हद तक उसके व्यक्तित्व पर भी निर्भर करती है। अहंकार के साथ कोई भी व्यक्ति ज्यादा दिनों तक सफल नहीं रह सकता। विनम्रता हमें दूसरों की भावनाओं को सम्मान देना सिखाती है। इसके माध्यम से हमारा व्यक्तित्व खूबसूरत बनता है और हम सहनशील बनते हैं। इससे हम जीवन की ऊबड़-खाबड़ परिस्थितियों से सामंजस्य बिठा पाते हैं।

लता मंगेशकर
बीस से अधिक भाषाओं में तीस हजार से अधिक गीत गाकर गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज करने वाली स्वर कोकिला लता मंगेशकर का कहना है कि आगे बढ़ने के लिए व्यक्ति को लगातार प्रोत्साहन की जरूरत होती है। यदि हम अपने कार्य क्षेत्र में विनम्र रहेंगे तो हमारे वरिष्ठ साथी हमें लगातार प्रोत्साहित करेंगे।

हमारी गलतियों व कमजोरियों को सुधारने में मदद करेंगे। विनम्रता सफलता की ऐसी कुंजी है जो हमें समाज में प्रतिष्ठा दिलाती है और हमारे मजबूत व्यक्तित्व को परिभाषित करती है। विनम्र व्यक्ति दूसरों के सुख-दुख को समझता है, लेकिन यह उम्मीद किसी अहंकारी व्यक्ति से नहीं की जा सकती है।

मोहम्मद रफी
भारत के सबसे महानतम गायक मोहम्मद रफी विनम्रता को स्वीकार्यता की पहली सीढ़ी मानते थे। उनका कहना था कि जीवन में हमें बहुत कुछ स्वीकार करने की जरूरत होती है। यदि हम विनम्र नहीं हैं तो अपनी कमजोरियों को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। अहंकार खुद को निखारने का मौका नहीं देता है। इसलिए विनम्र बनकर ही हम कामयाबी की बुलंदियों को छू सकते हैं।

हमें अपने व्यक्तित्व में लगातार विनम्रता लाने की कोशिश करनी चाहिए। 26 हजार से अधिक गीत गाने वाले रफी का कहना था कि सफलता के बाद आने वाला अहंकार और भी बुरा है। यह आपको सिर्फ नीचे की ओर धकेलता है, इसलिए अहंकार से बचें।

एआर रहमान
ऑस्कर अवॉर्ड विजेता संगीतकार एआर रहमान मानते हैं कि विनम्रता के बगैर आप कामयाब होकर भी ज्यादा दिनों कर सफलता की ऊंचाइयों पर नहीं टिक पाएंगे। विनम्रता जीवन का आधार है और विनम्र व्यक्ति के संपर्क में सभी लोग रहना पसंद करते हैं। एक पेशेवर के लिए विनम्र होना उतना ही जरूरी है जितना संगीत के लिए वाद्ययंत्र का होना। सफलता हासिल होने के बाद अहंकारी होने से हम अपनी बाकी सफलताओं के रास्ते धीरे-धीरे बंद करने लगते हैं। इसलिए हमें विनम्र रहते हुए अपनी सफलता के हर लम्हे का आनन्द लेते रहना चाहिए। इससे खुद के साथ दूसरों को भी खुशी मिलती है।

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